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1. सोनीपत पुलिस कर्मियों ने सहकर्मी के गम्भीर रूप से बीमार बेटी के उपचार हेतु मानवता का परिचय देते हुए की 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता — पुलिस आयुक्त ने अपने कार्यालय में सिपाही संजय रमन को चेक सौंपा

दिनाँक — 07 जनवरी ।

सोनीपत पुलिस के जवानों ने आपसी सहयोग एवं मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए अपने साथी जवान सिपाही संजय रमन की सात माह की गंभीर बीमारी से पीड़ित बेटी के इलाज हेतु ₹10,00,000/- (दस लाख रुपए) की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा स्वैच्छिक सहयोग से एकत्र की गई।

आज पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह, IPS, ADGP ने अपने कार्यालय में सिपाही संजय रमन को उपचार सहायता का चेक भेंट किया तथा उनके परिवार का हौसला बढ़ाया। इस दौरान जिला पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि सोनीपत पुलिस केवल एक डिपार्टमेंट नहीं, बल्कि एक परिवार है, और संकट की घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस बल के सभी कर्मियों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और सहयोग की भावना की सराहना की।

सोनीपत पुलिस ने सिपाही संजय रमन की बेटी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है तथा उपचार के लिए हर सम्भव सहयोग का भरोसा दिलाया है।

2. कुरुक्षेत्र पुलिस के मिसिंग पर्सन सेल ने 34 परिवारों को लौटाई खुशियां।

अढ़ाई माह में 34 गुमशुदा लोगों को तलाशकर परिजनों से मिलाया।

सेवा, सुरक्षा और सहयोग के संकल्प को किया चरितार्थ

कुरुक्षेत्र पुलिस के मिसिंग पर्सन सेल ने अपनी मेहनत, लगन और संवेदनशीलता से अढ़ाई माह के दौरान 34 गुमशुदा लोगों को तलाशकर उनके परिजनों के हवाले किया है। लंबे समय से अपनों से बिछड़े लोगों के वापस मिलने से 34 परिवारों के चेहरों पर फिर से खुशियां लौट आईं। मिसिंग पर्सन सेल की इस कार्यप्रणाली ने पुलिस के "सेवा, सुरक्षा और सहयोग" के संकल्प को सार्थक रूप से चरितार्थ किया है।

जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के आदशानुसार मिसिंग पर्सन सेल इंचार्ज सहायक उप निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार गुमशुदा लोगों की तलाश में जुटी है। सहायक उप निरीक्षक संजय कुमार ने अपने साथी कर्मचारी अमरजीत सिंह के साथ मिलकर गुमशुदगी से संबंधित मामलों की जानकारी जुटाई और विभिन्न माध्यमों से तलाश करते हुए कई ऐसे लोगों को भी खोज निकाला, जिनके परिजन लंबे समय से उनकी वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे। गुमशुदा लोगों की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने उपलब्ध जानकारी का बारीकी से अध्ययन किया, साइबर सैल की मदद ली तथा संभावित स्थानों पर तलाश करते हुए उनके बारे में सुराग जुटाए। टीम की लगातार मेहनत और प्रयासों के परिणामस्वरूप अढ़ाई माह में 34 गुमशुदा लोगों को तलाशने में सफलता मिली। पुलिस द्वारा सभी को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। तलाश किये गए लोगों में 7 नाबालिग हैं।

सहायक उप निरीक्षक संजय कुमार की मेहनत से जहां एक ओर गुमशुदा लोगों के परिजनों के चेहरों पर रौनक लौटी, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग को लंबित गुमशुदगी की फाइलों के निपटारे में भी सहयोग मिला। मिसिंग सेल द्वारा मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार की जा रही कार्रवाई से गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। कुरुक्षेत्र पुलिस की मिसिंग पर्सन सेल टीम भविष्य में भी गुमशुदा लोगों की तलाश कर उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

गुमशुदा व्यक्ति के पीछे एक परिवार की चिंता और उम्मीद जुड़ी होती है : पुलिस अधीक्षक

कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन ने कहा कि प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति के पीछे एक परिवार की चिंता और उम्मीद जुड़ी होती है। इसलिए पुलिस द्वारा ऐसे मामलों को केवल एक केस या फाइल के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़े विषय के रूप में लेते हुए गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। मिसिंग पर्सन सेल की टीम ने सेवा, सुरक्षा और सहयोग के संकल्प को चरितार्थ किया है। लंबे समय से अपने परिजनों की तलाश में परेशान परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा। जब पुलिस टीम ने गुमशुदा व्यक्ति को उनके परिवार से मिलाया तो परिजनों ने राहत की सांस ली और कुरुक्षेत्र पुलिस का आभार व्यक्त किया।

3. एसपी पलवल दीप्ति गर्ग आईपीएस के मार्गदर्शन में पलवल पुलिस ने सितंबर माह में 31 गुमशुदा व्यक्तियों और 8 बच्चों को सकुशल ढूंढकर परिजनों से मिलाया।

पलवल पुलिस की सतर्कता और अथक प्रयासों के कारण कई परिवारों के घरों में फिर से खुशियां लौटी।

पलवल: पुलिस अधीक्षक पलवल दीप्ति गर्ग, आईपीएस के दिशा-निर्देशों में कार्य करते हुए जिला पुलिस की मिसिंग सैल टीम ने सितंबर माह के दौरान विशेष अभियान चलाकर एक सराहनीय सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने निरंतर प्रयास और त्वरित तकनीकी जांच के आधार पर सितंबर माह में कुल 31 गुमशुदा व्यक्तियों तथा 8 बच्चों को तलाश कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस के मार्गदर्शन में लापता बच्चों और व्यक्तियों की तलाश के लिए जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा लगातार संबंधित थानों और पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा कर गुमशुदा लोगों का सुराग लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में मिसिंग सैल पलवल ने सितंबर महीने के दौरान तत्परता से काम करते हुए 8 मासूम बच्चों और 31 अन्य लापता व्यक्तियों को तलाशने में सफलता पाई।

मिसिंग सैल प्रभारी राकेश ने बताया, "हमारी टीम का मुख्य उद्देश्य हर लापता व्यक्ति को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाना है। पुलिस की इस सतर्कता और अथक प्रयासों के कारण कई परिवारों के घरों में फिर से खुशियां लौटी हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का पालन करते हुए मिसिंग सैल की टीम आगे भी इसी तरह पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्य करती रहेगी।"

पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई बच्चा या व्यक्ति लापता होता है, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या डायल 112 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

4. करनाल पुलिस की 112 टीम की तत्परता से 6 वर्षीय गुमशुदा बच्चा सकुशल परिजनों से मिला

देवी लाल चौक के पास मिला था बच्चा, प्यार से बातचीत कर टीम ने जुटाई जानकारी और घर पहुंचाकर परिजनों को सौंपा

करनाल, दिनांक 27 सितंबर 2026।

जिला पुलिस करनाल द्वारा पुलिस अधीक्षक करनाल श्री करन गोयल, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में आमजन की सुरक्षा एवं सहायता के लिए लगातार तत्परता से कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में करनाल पुलिस की 112 टीम ने तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक 6 वर्षीय गुमशुदा बच्चे को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात देवी लाल चौक के पास एक 6 वर्षीय बच्चा अकेला मिला, जो अपने परिजनों से बिछड़ गया था। सूचना मिलने पर करनाल पुलिस की ERV-411 गाड़ी की गाटी के इंचार्ज उप निरीक्षक बलवान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चे को अपने संरक्षण में लिया।

पुलिस टीम द्वारा बच्चे के साथ प्यार एवं अपनत्व से बातचीत की गई तथा उसके माता-पिता और घर के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। बच्चे ने पूछताछ के दौरान अपने घर का क्षेत्र कर्ण विहार बताया। टीम ने बच्चे द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आवश्यक जानकारी जुटाई और उसके परिजनों का पता लगाया।

इसके बाद 112 टीम द्वारा बच्चे को सकुशल उसके घर पहुंचाकर माता-पिता के सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने करनाल पुलिस एवं 112 टीम का आभार व्यक्त किया।

करनाल पुलिस आमजन से अपील करती है कि छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें तथा बच्चों के गुम होने या किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 पर सूचना दें। करनाल पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं सेवा के लिए सदैव तत्पर है।

5. पंचकूला में अकेले रहने वाले 842 वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंची पुलिस, सुरक्षा के साथ संवाद और भरोसे का रिश्ता हो रहा मजबूत

नियमित मुलाकातों से बुजुर्गों को मिल रहा अपनापन, साइबर ठगी से बचाव और जरूरत के समय त्वरित सहायता पर विशेष जोर: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन

प्रेस नोट 09.10.2026

पंचकूला/ 9 अक्टूबर:- वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन द्वारा की गई पहल के तहत पुलिस टीमें उन घरों तक नियमित रूप से पहुंच रही हैं, जहां वरिष्ठ नागरिक अकेले रह रहे हैं। अभियान के तहत अब तक 842 वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर उनकी सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का आकलन किया गया है। इस पहल का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना नहीं, बल्कि बुजुर्गों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को समझना और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास केवल सत्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि टीमें नियमित रूप से वरिष्ठ नागरिकों से मिलकर उनका हालचाल जान रही हैं और उनकी समस्याओं को समझ रही हैं। इस पहल के माध्यम से बुजुर्गों को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि आवश्यकता पड़ने पर पंचकूला पुलिस उनकी सहायता के लिए तत्पर है। पुलिस और आमजन के बीच विश्वास तथा सहयोग को मजबूत करना इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

अभियान के तहत पुलिस टीमें अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के प्रति जागरूक कर रही हैं। बुजुर्गों को अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी तथा व्यक्तिगत एवं बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें घर पर आने वाले डिलीवरी कर्मियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस द्वारा उनके घरों में कार्यरत घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, रसोइयों, मालियों, सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों की सहमति से घरों में सीसीटीवी कैमरे और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुलिसकर्मी उन्हें उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े उपयोगी उपायों की जानकारी भी दे रहे हैं, जिससे वे अपने घर और आसपास के वातावरण में अधिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

अभियान की निगरानी डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। विभिन्न थाना एवं पुलिस चौकियों की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क कर उनकी जरूरतों और सुरक्षा संबंधी सुझावों को समझ रही हैं। पुलिस के अनुसार, नियमित मुलाकातों से वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवाद बढ़ाने और उनके मन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने में मदद मिल रही है।

पंचकूला पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को संबंधित थाना प्रभारी अथवा पुलिस चौकी प्रभारी के संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे किसी भी आवश्यकता या परेशानी के समय सीधे संपर्क कर सकें। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों एवं उनके परिजनों की सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9115777026 जारी किया गया है।

6. ऑपरेशन कवच: पौधा लगाकर कूल लिप छोड़ने का संकल्प लेने वाले छात्र को डीसीपी अदिति सिंह ने उपहार में थमाई कलम

विद्यार्थियों के हाथों में नशा नहीं, कलम और सपनों की उड़ान हो: डीसीपी अदिति सिंह, छात्रों को बताया नशा विरोधी अभियान का ब्रांड एम्बेसडर

553 क्षेत्रों में पहुंची पंचकूला पुलिस की नशामुक्ति मुहिम, 36,337 लोगों से संवाद, 3,882 नशा पीड़ित चिन्हित और 3,581 का इलाज शुरू

प्रेस नोट 17.09.2026

पंचकूला/ 17 सिंतबर :- पंचकूला पुलिस द्वारा जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ऑपरेशन कवच के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ चौतरफा अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के दिशा-निर्देशों में शुरू किए गए इस जिला स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और युवाओं को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक करना है। इसी कड़ी में आज डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह बरवाला क्षेत्र के गांव बिल्ला स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचीं। स्कूल की छात्राओं ने पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर व पुष्पगुच्छ भेंट कर डीसीपी का भव्य स्वागत किया, जिसके उपरांत दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम के दौरान डीसीपी अदिति सिंह ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए नशे के विभिन्न प्रकारों, इसके गंभीर शारीरिक दुष्परिणामों तथा कानून में उपलब्ध कड़े प्रावधानों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कूल लिप, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट जैसे शुरुआत में सामान्य दिखने वाले पदार्थों के खतरों को अत्यंत सरल भाषा में समझाया। डीसीपी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करें। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे स्वयं को इस नशा विरोधी अभियान का ब्रांड एम्बेसडर समझें और यदि उनके आसपास या स्कूल के नजदीक कोई व्यक्ति नशा बेचता नजर आए, तो उसकी जानकारी तुरंत स्कूल प्रशासन या पुलिस को दें।

संवाद कार्यक्रम के दौरान ने डीसीपी ने पिछले दौरे में कूल लिप का नशा छोड़ने का संकल्प लेने वाले एक छात्र को उसके हाथों में कलम थमाकर सम्मानित किया। छात्र ने नशा त्यागने के प्रतीक के रूप में पौधा लगाया था और इस अवसर पर उसने यह संकल्प दोहराते हुए कहा कि वह न केवल स्वयं इन पदार्थों से दूर रहेगा बल्कि अन्य साथियों को भी जागरूक करेगा। डीसीपी ने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित लक्ष्य आधारित प्रदर्शनी तथा स्वागत में बनाई गई भव्य रंगोली की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम के समापन पर स्कूल प्रशासन ने डीसीपी को पौधा भेंट कर उनके इस मार्गदर्शक दौरे के लिए आभार व्यक्त किया।

पंचकूला पुलिस नशा तस्करों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की मदद से पीड़ितों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। अभियान के अंतर्गत गठित तीन विशेष टीमों ने अब तक जिले के 553 क्षेत्रों का दौरा कर 36,337 नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया है। इस गहन जांच और मैपिंग के दौरान 3,882 नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनमें से 3,581 लोगों का इलाज शुरू करवाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, गंभीर रूप से नशे की लत से ग्रस्त 214 व्यक्तियों को सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल की विशेषज्ञ टीम के सहयोग से नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है।

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने स्पष्ट किया कि पुलिस की विशेष टीमें शिक्षण संस्थानों के पास अवैध सामग्री बेचने वालों के खिलाफ जब्ती व धरपकड़ की कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों के एकजुट प्रयास से ही इस अभियान को पूर्ण सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने आमजन से साझा किया कि यदि कोई व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है या किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री की सूचना देना चाहता है, तो वह पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों 7087081100 और 7087081048 पर संपर्क कर सकता है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर रामगढ़ चौकी प्रभारी राजबीर सिंह, एएसआई शिवानी, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

7. असहाय मां ने पुलिस को किया कॉल, मौत के मुंह से बेटे को निकाल लाई पुलिस

दिनांक : 28 अगस्त 2026

महेंद्रगढ़। पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार के निर्देशानुसार जिला पुलिस महेंद्रगढ़ द्वारा आपातकालीन घटनाओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जिले में तैनात डायल-112 की आपात रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) टीमें हर समय अलर्ट मोड पर रहते हुए किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई कर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए तत्पर रहती हैं।

ऐसा ही एक मामला 29 अगस्त को महेंद्रगढ़ शहर क्षेत्र में सामने आया, जब एक मां ने डायल-112 पर कॉल कर सूचना दी कि उसका बेटा आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा है। मां ने तत्काल पुलिस से सहायता की गुहार लगाई।

सूचना प्राप्त होते ही आपात रिस्पॉन्स व्हीकल पर तैनात पुलिस टीम तत्काल कुम्हारों का मोहल्ला, दुलाना रोड, महेंद्रगढ़ स्थित घटनास्थल के लिए रवाना हुई और करीब 7 से 8 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम ने पाया कि युवक ने फांसी लगा ली है। डायल-112 टीम ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल युवक को फांसी के फंदे से उतार आपात रिस्पॉन्स व्हीकल से सरकारी अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया। पुलिस टीम ने करीब 8 से 10 मिनट के भीतर युवक को अस्पताल पहुंचाकर भर्ती करवाया, जहां उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाई गई।

युवक की पहचान अनूप (उम्र 28 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह पारिवारिक विवाद के चलते परेशान था। मां की सजगता और समय पर डायल-112 पर सूचना दिए जाने के साथ-साथ पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण युवक को समय रहते सहायता और उपचार उपलब्ध करवाया गया। वर्तमान में युवक की स्थिति ठीक बताई जा रही है।

इस दौरान आपात रिस्पॉन्स वाहन पर तैनात ईएसआई युद्धवीर सिंह, सिपाही निकास तथा एसपीओ राजकुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवक के परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

जिला पुलिस महेंद्रगढ़ आमजन से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की गंभीर आपातकालीन स्थिति की सूचना बिना देरी किए तुरंत डायल-112 पर दें, ताकि पुलिस एवं आपातकालीन सेवाएं समय रहते आवश्यक सहायता पहुंचा सकें। डायल-112 पुलिस सेवा हर समय आमजन की सहायता और सुरक्षा के लिए तत्पर है।

8. सेवा, सुरक्षा और सहयोग के नारे को चरितार्थ करते हुए थाना शहर पुलिस ने करीब एक घंटे में 3 वर्षीय गुमशुदा बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले किया

कैथल, 24 सितंबर ( ) कैथल पुलिस एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के कुशल निर्देशन में सेवा, सुरक्षा और सहयोग के संकल्प को लगातार चरितार्थ कर रही है। इसी कड़ी में थाना शहर कैथल पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए गुम हुए 3 वर्षीय बच्चे को करीब एक घंटे के भीतर सकुशल तलाश कर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने कैथल पुलिस का बार-बार धन्यवाद किया।

पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने जानकारी देते हुए बताया की बच्चा अपने परिजनों के साथ रेलवे गेट कैथल के पास आयोजित भंडारे में आया हुआ था। इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजे बच्चा परिजनों से अलग होकर कहीं चला गया। काफी तलाश करने के बाद जब बच्चा नहीं मिला तो परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही थाना शहर कैथल एसएचओ इंस्पेक्टर सतपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश एवं आवश्यक पूछताछ करते हुए करीब एक घंटे के भीतर बच्चे को सब्जी मंडी कैथल से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद बच्चे को थाना शहर कैथल लाया गया, जहां आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के उपरांत उसे सकुशल उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता एवं सहयोग के लिए कैथल पुलिस का आभार व्यक्त किया।

9. मानवता की सेवा में सोनीपत पुलिस की अनूठी पहल, थाना शहर गोहाना में रक्तदान शिविर लगाकर जुटाईं 80 यूनिट रक्त

दिनांक: 14 अक्टूबर 2026

सोनीपत, 14 अक्टूबर। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ मानव सेवा और सामाजिक सरोकारों में भी सोनीपत पुलिस निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह, IPS, ADGP के दिशा-निर्देशों के तहत आज थाना शहर गोहाना में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पुलिसकर्मियों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस दौरान कुल 80 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के उपचार में सहायक बनेगा।

रक्तदान के माध्यम से दिया मानवता और सेवा का संदेश

शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग देना तथा आमजन को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर यह संदेश दिया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल अपने कर्तव्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय दूसरों की सहायता के लिए आगे आना भी मानवता का महत्वपूर्ण दायित्व है।

पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने की रक्तदाताओं की सराहना

पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है और ऐसे समय में रक्तदाता का योगदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सोनीपत पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी प्रतिबद्ध है। रक्तदान जैसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।

आमजन से रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में भाग लेने की अपील

पुलिस आयुक्त ने शिविर में स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले सभी पुलिसकर्मियों एवं नागरिकों की सराहना करते हुए आमजन से अपील की कि वे रक्तदान के महत्व को समझें और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ी उम्मीद बन सकता है।

सोनीपत पुलिस ने शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 80 यूनिट रक्त का एकत्रित होना मानव सेवा, सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सोनीपत पुलिस भविष्य में भी कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनसेवा एवं सामाजिक कल्याण के कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।

10. साइबर ठगी से बचाव के लिए शेर सिंह हाई स्कूल पहुंची सोनीपत पुलिस, 200 से 250 विद्यार्थियों को किया जागरूक

जिला सोनीपत

दिनांक: 14 अक्टूबर 2026

सोनीपत, 14 अक्टूबर। पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह, IPS, ADGP के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार सोनीपत पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज साइबर थाना गोहाना की टीम ने शेर सिंह हाई स्कूल, गोहाना में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 200 से 250 विद्यार्थियों को साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम स्कूल के निदेशक महेंद्र सिंह मलिक एवं स्कूल स्टाफ की उपस्थिति में आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व निरीक्षक विनीत कुमार ने किया। टीम में उपनिरीक्षक संदीप कुमार, उपनिरीक्षक नरेश कुमार, मुख्य सिपाही हरेंद्र तथा सिपाही दीपक शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी संदेशों तथा इंटरनेट के माध्यम से होने वाली विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी लोगों को लालच देकर या डराकर उनकी निजी एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और न ही किसी के साथ OTP, पासवर्ड, PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करनी चाहिए।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, संदिग्ध कॉल एवं संदेशों से सतर्क रहने तथा किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें। इसके लिए WhatsApp, Facebook और Telegram के स्टेटस के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश साझा करने का आह्वान किया गया।

सोनीपत पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं।

सोनीपत पुलिस का उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है। पुलिस का यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

11. एनसीबी हरियाणा के उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा 41 किलोमीटर साइकिल चलाकर पलवल पहुंचे

विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध किया जागरूक और दिलाया नशा मुक्ति का संकल्प

पलवल। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, पलवल में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा उप पुलिस महानिरीक्षक सह संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। डॉ. वर्मा फरीदाबाद से 41 किलोमीटर साइकिल चलाकर पलवल पहुंचे। उन्होंने अपनी साइकिल यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवन और नशामुक्त समाज का संदेश दिया। विद्यालय के प्राचार्य ज्ञान प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 240 विद्यार्थियों और 25 शिक्षकों ने भाग लिया। डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर, मस्तिष्क, परिवार और सामाजिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। मादक पदार्थों की तस्करी और नशे का बढ़ता प्रचलन देश की युवा शक्ति के लिए गंभीर चुनौती है। युवाओं को नशे से दूर रखना राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति सजग रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा नशे की समस्या से निपटने के लिए तीन स्तरों पर कार्य किया जा रहा है—प्रवर्तन, जागरूकता और पुनर्वास। प्रवर्तन के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाया जाता है, जागरूकता के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाती है तथा पुनर्वास के माध्यम से नशे से प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन में लौटने में सहायता प्रदान की जाती है। डॉ. वर्मा ने भारत में प्रतिबंधित नशों के विरुद्ध सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 तथा हरियाणा की हेल्पलाइन 90508-91508 की जानकारी भी दी। उन्होंने काव्य और गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। प्राचार्य ज्ञान प्रकाश सिंह ने हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की इस पहल की सराहना करते हुए डॉ. अशोक कुमार वर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता पैदा करना स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।